नंगल

नेशनल फर्टिलाइज़र्स लिमिटेड,
नया नंगल, पंजाब-140126
Tel :01887-220543
Fax :01887-220541
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शहर के बारे में

नंगल, पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी - चंडीगढ़ से 100 किलोमीटर की दूरी पर  स्थित है। इसकी टाऊनशिप, उर्वरक इकाई से कुछ ही कदमों की दूरी पर है जिसे नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड की नंगल इकाई के रूप में संदर्भित किया जाता है। श्री आनंदपुर साहिब, माता नैना देवी मंदिर, श्री भबोर साहिब जैसे धार्मिक महत्व के स्थान, नया नंगल से 20 किलोमीटर के दायरे में आते हैं। मनाली और धर्मशाला जैसे हिमाचल प्रदेश के पर्यटक स्‍थलों का भी, नया नंगल के रास्‍ते से दौरा किया जा सकता है। 'नंगल बांध' स्टेशन के लिए विद्युतीकृत ट्रैक वाला रेलमार्ग भी है जिसके लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रतिदिन दो गाड़ियां उपलब्‍ध है।
देश की आजादी के बाद शीघ्र ही, देश में बुनियादी ढांचे को विकसित करने की आवश्‍यकता महसूस की गई। उस समय, देश के नीति निर्माताओं के द्वारा, प्रेरणा के परिणाम स्‍वरूप, पनबिजली परियोजनाओं, कोर सेक्टर उद्योग, अनुसंधान और विकास, रक्षा प्रतिष्ठानों आदि के लिए, प्राथमिकता के आधार पर जगहों तथा स्‍थानों का चयन किया गया। इस दिशा में प्रयास किए जाने पर, सतलुज नदी के तट पर शिवालिक पहाडि़यों के बीच में बसे एक छोटे से गांव को जल विद्युत परियोजना के लिए एक आदर्श स्थान माना गया। यह विचार एक विदेशी के द्वारा तत्‍कालीन प्रधानमंत्री के समक्ष रखा गया जिसने प्रस्तावित भाखड़ा बांध को जन्म दिया – जिसे अक्सर 'आधुनिक भारत के मंदिर' के रूप में कहा जाता है। यह कृत्रिम बांध, जिसे नदी के ऊपर बनाया गया है, को 'गोविंद सागर' नाम दिया गया, जिसे अभी भी दुनिया में सबसे बड़ी मानव निर्मित झील के रूप में माना जाता है। भाखड़ा बांध बनने और जल विद्युत परियोजना से अतिरिक्‍त बिजली उपलब्ध होने पर, भारत सरकार ने नया नंगल में उर्वरक कारखाना स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिसने 1961 में उत्‍पादन करना शुरू कर दिया।

एन.एफ.एल. संयंत्र के बारे में

एफ.सी.आई. समूह के संयंत्रों के पुनर्गठन के फलस्वरूप, नंगल संयंत्र को एन.एफ.एल. को स्थानांतरित किया गया और बाद में नंगल इकाई का विस्तार, संयंत्र में 3.30 लाख मीट्रिक टन की स्थापित क्षमता के साथ किया गया।  उसके पश्चात, कंपनी के विकास को स्थिरता एवं बढ़ावा देने के लिए, एन.एफ.एल. ने नंगल इकाई के यूरिया संयंत्र का सफलतापूर्वक पुर्नोत्‍थान किया| पुर्नोत्‍थान के बाद में वाणिज्यिक उत्‍पादन 1 फरवरी, 2001 से शुरू हुआ, जिसके परिणाम स्वरुप इस संयंत्र की वार्षिक स्‍थापित क्षमता 3.30 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 4.785 लाख मीट्रिक टन हो गई। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सबसिडी का भार और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए, एन.एफ.एल. ने नंगल इकाई को एलएसएचएस/एफओ से बदल कर एलएसटीके आधारित फीडस्‍टॉक किया गया तथा अप्रैल 2013 के दौरान गैस पर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया गया था ।

नंगल इकाई की मुख्य विशेषताएं

संस्थापित क्षमता
478,500 एमटीपीए
पूंजी निवेश

229.19 करोड़

उत्‍पादन प्रारंभिक शुरूआत 1 नवंबर, 1978

प्रक्रिया

अमोनिया
केबीआर एसएमआर (भाप मीथेन सुधार), शोधक प्रौद्योगिकी के साथ
यूरिया टेक्‍नीमोन्‍ट, सकल पुनरावृत्ति प्रक्रिया
कच्चा माल
कोयला, एलएनजी/आरएलएनजी, बिजली, पानी





 

क्या नया है

Signएनएफएल ने उर्वरक विभाग के साथ ज्ञापन समझौते पर हस्ताक्षर किए (2018-19) 

Signवित्‍तीय‍ परिणाम 2017-2018 

Signप्रेस नोट - एन.एफ.एल. हिन्दुस्तान पीएसयू अवार्ड 2018 से सम्मानित 

Signस्वच्छ भारत समर इंटर्न 

Signवार्षिक वित्तीय परिणाम 2017-18 का मीडिया कवरेज 

Signप्रेस नोट - एनएफएल ने 2017-18 के दौरान रु. 212.77 करोड़ का नेट लाभ अर्जित किया 

Signनिविदा सूचना - स्टॅटे ऑफिस शिमला के लिये कर्यालय किराये पर लेने हेतु & प्रेस विग्यप्ति 

Signप्रैस विज्ञप्ति - एन.एफ़.एल. का सी.एस.आर. के तहत सेना झण्डा दिवस निधि में योगदान 

Signनिदेशक मण्डल की बैठक की सूचना - 02.05.2018 

Signट्रेडिंग विंडो का समापन 

Signएनएफएल ने 2017-18 में किया सर्वाधिक उत्पादन 

Signएनएफएल को पीआरसीआई द्वारा गृह पत्रिका के लिए पुरस्‍कार 

Signदिसम्बर 2017 तिमाही के लिए वित्तीय निष्पादन 

Signनिदेशक (वित्‍त) को एनएफएल के वित्‍तीय प्रबंधन के लि