रामागुंडम उर्वरक संयंत्र के पुनरुद्धार के लिए करार पर हस्ताक्षर

Press Release

                     

रामागुंडम उर्वरक संयंत्र के पुनरुद्धार के लिए करार पर हस्ताक्षर

नोएडा : 14 जनवरी, 2015


नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एन.एफ.एल.), इंजिनियर्स इंडिया लिमिटेड (ई.आई.एल.) और फर्टिलाइजर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफ.सी.आई.एल.)  ने तेलंगाना में करीम नगर स्थित रामागुंडम उर्वरक संयंत्र की मौजूदा साइट पर क्रमश: 2200 एमटीपीडी और 3850 एमटीपीडी क्षमता के नए अमोनिया और यूरिया संयंत्रों की स्थापना के लिए संयुक्त उघ्यम कंपनी बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं और कंपनी का नाम ''रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड कैमिकल्स लिमिटेड'' रखा गया है |


इस संयुक्त उघ्यम करार पर माननीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री अनंत कुमार एवं माननीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए |
इस संयुक्त++ उघ्यम समझौते के अनुसार, ई.आई.एल. परियोजना के लिए इंजीनियरी, अधिप्राप्ति और निर्माण प्रबंधन परामर्शी सेवाएं प्रदान करेगा और एन.एफ.एल. संयुक्त उघ्यम कंपनी के लिए विपणन सेवाएं प्रदान करेगा |
इस परियोजना से देश में यूरिया उत्पादन बढेगा एवं यह परियोजना भारत को यूरिया पूर्ति के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की ओर कदम है | प्रतिवर्ष 1.27 मिलियन टन की क्षमता वाला यह यूरिया संयंत्र फीड स्टॉक के रुप में प्राकृतिक गैस पर आधारित होगा और इस वर्ष 2018 की अंतिम तिमाही में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है | करीब 5,000 करोड रुपए के निवेश वाले इस संयंत्र से अपेक्षा है कि इससे तेलंगाना राज्य में स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से अवसर उपलब्ध होंगे और यह भारत के दक्षिणी क्षेत्र में यूरिया का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता होगा |
इस परियोजना के लिए 5,000 करोड रुपए की पूंजी ऋण : इक्विटी के 70:30 प्रतिशत के अनुपात में जुटायी जाएगी और इसमें एन.एफ.एल. एवं ई.आई.एल. की 26 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी तथा एफ.सी.आई.एल. का 11 प्रतिशत योगदान रहेगा, परियोजना के लिए शेष पूंजी जुटाने का कार्य जारी है |

ई.आई.एल.
ई.आई.एल., पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत एक नवरत्न सी.पी.एस.ई. पेट्रोलियम रिफाइनिंग, पेट्रोरसायन, पाइपलाइन, टर्मिनल और भंडारण, उर्वरक, खनन व धातुकर्म और आधारभूत परियोजनाओं के क्षेत्र में समग्र समाधान वाली इंजीनियरिंग परामर्शी और ई.पी.सी. कंपनी है |  कंपनी जल और अपशिष्ट प्रबंधन, नाभिकीय, सौर एवं थर्मल पावर के विविध क्षेत्रों में भी कार्य कर रही है |  ई.आई.एल. ने अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रचालनों का सफलतापूर्वक विस्तार किया है और मध्यम पूर्व, उत्तरी अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया सहित विभिन्न अंर्तराष्ट्रीय परियोजनाओं पर व्यापक स्तर की इंजीनियरिंग परामर्शी सेवाएं उपलब्ध करायी हैं |

एन.एफ.एल.
एन.एफ.एल. भारत का सबसे बडा उर्वरक बनाने वाला केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उघ्यम है जिसकी समग्र वार्षिक स्थापित यूरिया क्षमता 35.68 लाख मीट्रिक टन है | एन.एफ.एल. के पांच यूरिया संयंत्र - पंजाब में नंगल एवं बठिण्डा, हरियाणा में पानीपत और मध्य प्रदेश में विजयपुर - | व ||  में स्थित हैं |  यूरिया का उत्पादन करने के साथ-साथ, एन.एफ.एल. औद्योंगिक उत्पादों के विनिर्माण व विपणन, काम्पलेक्स उर्वरकों की ट्रेडिंग और अन्य कृषि उत्पादों के व्यवसाय में विस्तार कर रहा है |

जारीकर्ता:
जनसम्पर्क विभाग, एन.एफ.एल.
ई-मेल : इस ईमेल पते को संरक्षित किया जा रहा है स्पैम बॉट से ! आपको यह देखने के लिए जावास्क्रिप्ट सक्रिय होना चहिये